बड़े जिम सदस्यता की नहीं, बल्कि दिन भर में शरीर को चलायमान रखने की बात।
हम में से ज़्यादातर लोग कंप्यूटर के सामने काम करते हैं। पुणे या दिल्ली जैसे शहरों में, मेट्रो या बस में सफर करते हुए भी हम बैठे रहते हैं। घर आने के बाद भी आराम करने के लिए हम सोफे पर बैठ जाते हैं।
लंबे समय तक बैठे रहना शरीर को सुस्त बना देता है। इसके लिए भारी व्यायाम की ज़रूरत नहीं है, बल्कि 'नियमित हल्की गतिविधि' (NEAT - Non-Exercise Activity Thermogenesis) को दिनचर्या में शामिल करना ज़रूरी है।
अलार्म सेट करें। हर 45 मिनट में अपनी कुर्सी से उठें। पानी पीने जाएं या बालकनी तक चलकर वापस आएं। यह 2 मिनट का ब्रेक आपकी मांसपेशियों को तनाव मुक्त करता है।
यदि आप पहली या दूसरी मंज़िल पर रहते हैं या ऑफिस जाते हैं, तो लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करने की आदत डालें। यह दिन भर की गतिविधि बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है।
रात के खाने के बाद तुरंत लेटने की बजाय, परिवार के साथ या अकेले 15-20 मिनट की हल्की सैर करें। यह खाना पचाने में मदद करता है और दिन भर के तनाव को कम करता है।
जब भी आप फोन पर बात कर रहे हों, तो बैठे रहने की बजाय कमरे में या छत पर टहलने की कोशिश करें। बिना महसूस किए आप अच्छी खासी दूरी तय कर लेंगे।